दे दी पटकनी लालू राहुल को तुने बिना खडग बिना ढाल
पटना के रन बांकुरों तुमने कर दिया कमाल
कल तक नितीश- मोदी झेलते थे हमले बार बार
राज में ना बिजली ना रक्षा जनता बेकार
जयप्रकाश के पठे बिहार में जन्मे दो सितारे
शुशील और नितीश इस धरती के तारे
सामने थी बेकारी, अन्धकार, और सूखा बाढ़ गरीबी लाचारी
साथ थी हिम्मत, हौसला, संगठन शक्ति और दयानतदारी
पांच वर्ष पहीले अंधकार विरासत में मिला था
सामने समश्याओं का बड़े बोलों का लम्बा सिलसिला था
लड़ते लड़ते निकल गये सरदारों के सरदार हिम्मत ना हार के
आगयी परिक्षा जनता के दरबार परीक्षक केद्र सरकार के
कहीं राम
कही राहुल
कहीं माया
कहीं लल्लू
कुरुक्षेत्र सज चूका था
बिहार चुनाव धधक चूका था
हमले हुए, तीर चले आरोप लगे
अपने पराये हुए, दिल में खंजर से लगे
जनता पर विश्वास था कर्म पर था भरोसा
साथ कमल सा कोमल और तीर सा कठोर था
शरद, शिवानन्द, ठाकुर, रविशंकर
शाहनवाज, शुष्मा, लालजी से साथ कर
भीड़ गये बौल हर हर महादेव अल्लाह हो अकबर
सामने लालू राबड़ी, रामविलास, राहुल सोनिया एक से एक बढ़ कर
काम जीत गया, विश्वाश बढ़ गया
नतीजे आज आये तो नशा सा चढ़ गया
एक दो नही २०० भी पार होगये
सामने तो तीन चार बीस बाईस रह गये
रन बाकुरो जीत को संभालना साथ निभाना
कमल खिला रहे, तीर पैना रहे जनता की आस पुराना