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Thursday, August 23, 2012

जन्म दिवस पर मेरी कामना


जन्म दिवस वर्ष में एक बार आता है 
शायद इसी के कारण बहुत मित्रों यारों से नाता है 
बहुत अच्छा लगता है बधाई पाना 
जैसे सुखद मेघ का बरस जाना 
अगर आप पास होते तो मुह भी मीठा होता 
कुछ गिले शिकवे होते, कुछ उपहारों का आदान प्रदान होता 
शायद मिठाई कम पड जाती 
जिस तरह से मिली आपके शुभकामना संदेशो की पाती 
आपका प्यार मेरा सौभाग्य, मिलता रहे हर दम, मेरी  कामना  
करें मुख मीठा इस अवसर पर येही मेरी  आपसे प्रार्थना    
 

Saturday, April 14, 2012

यादगार जन्मदिवस



जीवन के मधुर पल 
जैसे हम धरा पर आये हों कल 
कितना मधुर सफ़र पूरा किया 
...........लेकिन अभी बाकी है कल
 
कल यानी नयी सुबह,
नया प्रभात   
एक और यादगार जन्मदिवस,
सब के साथ 
मित्र, बंधूबांधवों की सुभकामनाओं की सौगात 
होगी धरोअर 
और  प्रभु-गुरुचरणों में अरदास 

हमारी भी शुभकामनाएँ स्वीकार करना 
एक गुलाब हाथों में
और  गुलाबजामुन मुख में 
रखते हुए हमें भी याद करना 

Monday, September 8, 2008

वकील भाई को जन्म दिन की बधाई

वकीलों का भी जन्म दिवस आता है
वोह भी उसे बडी धूमधाम से मनाता है

कमल के समान चेहरा
उपर से काला कोट तुम्हारा

हमे भी कुछ कहने को
कुछ पैरवी करने को
जन्मदिन की खुशीआं मनाने को
तुम्हे बधाई सुनाने को

हजारों साल जीने को
और हर साल में हजारों दिन बनाने को

प्रभु से अर्दास करने को दिल चाहता है

हमारी अरदास कबूल होगी
तुम्हे दुनिया की सब खुशीआं नसीब होंगी

हमारी मिठाई
हमारे तुम तक आने तक
या तुम्हारे मैसूर आने तक
उधार रखनी होंगी

इस विश्वास के साथ

तुम्हे जन्म दिन की बहुत बधाई
हम ही नही पूरा जग सुनाता है

Monday, September 1, 2008

जन्मदिन की बधाई

मैं पल दो पल का शायर हूँ
पल दो पल की जिंदगानी है

आज जन्मदिन की बधाई देनी
और तुम से खुशी की मिठाई खानी है

यह हसीं गुलाब सा चेहरा रोशन रहे
इस आसमा पर जब तक सूरज चाँद रहे

यह पहाडों का देवता अडिग रहे
किसी भूचाल तूफान से ना डरे

इस जिन्दगी का मकसद
रहम करुना दया और माफ़ करना

आज एक अहद करो
इन मकसदों को नये प्रभात में लागू करना

Monday, August 11, 2008

अभिनव बिंद्रा का अभिनन्दन

देश ओलम्पिक में शामिल तो होता था
११० करोड़ का देश शर्मिंदा वापिस होता था

अरबों खर्च का था सालो साल कोई हिसाब नही
एक भी एकल स्वर्ण था हमारे भाग में नही

हम विश्व नेता होने का दावा करते थे
लेकिन स्वर्ण पाने को तरसते थे

खेल भावना की मिसाल देते थे
अपने कर्म ठोक रो लेते थे

कभी ध्यान कभी मिल्खा कभी अमृत याद करते थे
कर्नेश्वरी और चौहान को आँखों पर रखते थे

पुरुश्कारो को अर्जुन राजीव पुकारते थे
देश के खिलाडियों को भर भर धिक्कारते थे

असली अर्जुन तो अभ्यास कर रहा था
अपने करतब को पैनी धार धार रहा था

सुबह पूरब से नया उजाला आया
देश में खुशीओं से भरा पैगाम लाया

अभिनव तुम देश की शान
भेद दिया ओलम्पिक का निसान

२५ साल के पंजाब के नवजवान
आधुनिक अर्जुन को देश का सलाम

आओ वापिस देश पलक बिछा इन्तजार में
है बिंद्रा के विजय अभियान उत्सव की त्यारी जोरों पे है

तुम्हारी विजय देश का भाग लिखा जाने वाला है
स्वर्ण नही, नवयुवको की प्रेरणा और संकल्प होने वाला है

बिंद्रा परिवार को हार्दिक बधाई

Tuesday, June 17, 2008

शुभ कामनाएँ

शुभ कामनाएँ

कल मुलाकात हुई आज बात हुई
तुम बड़े मुकद्दर वाले हो जो मिलते ही बरसात हुई ॥

हमें नसीब मिला बधाई गाने का
तुम्हे जन्मदिन मुबारक सुनाने का ॥

और तुम्हारे नाम से मिठाई खाने का
मदिर में जा के सिजदा कर सिर झुकाने का ॥

जब अरदास कर रहे थे मंदिर में, एक आवाज आई
मेरे भक्त की अरदास कबूल, उस को बता देना भाई ॥

हम आशीर्वाद देते हैं जन्मदिन पर उनको
फलेंगे फूलेंगे छुएंगे आसमा को ॥

जियेंगे १०००ओँ साल कोई सुबहा ना करना
हर साल में दिन होने ५०,००० यकीं करना ॥

हर वरस लगेंगे मेले जन्मदिन मनाने को
खुशियाँ मनाने को गीत गाने को, मिठाई खाने को ॥

जन्मदिन पर मित्तल परिवार की और से हार्दिक शुभ कामनाएँ ॥

Wednesday, April 9, 2008

महेंदर जी के सम्मान में


आप को देश की साहीत्य रचना का छुपा रुस्तम, यों ही नहीं कहा जाता हँ
गुरु को गुरु कोई बनाता नहीं, पक्का इरादा , दूरदृष्टी, अनवरत प्रयास ही सफलता के नीकट ले जाता है

आपके साथ तो आपके पीताश्री की प्रेरणा और आशीर्वाद है।
इस जगत में कौन रौके आपको, इस जुर्रत का हो सकता, कीसी को भी नहीं, दुशहास है।

जीयो और जीने दो एक नारा नहीं मनुष्य जीवन की धारा है।
मूक प्राणी को नीर्मम हत्या से बचाएँ
नव पीढ़ी को सुध शाकाहारी, नीरोगी, भोजन
उपलब्ध कराएं यही आज का नारा है