Tuesday, June 13, 2017

मोदी चालीसा


श्री भारत चरण रज, निज मन मुकुर सुधार ।
वरणौ मोदी विमल जस, जो करता जग सुधार ।। 
बुद्धि हीन खुदको जान के, सुमरो गुर्जर कूमार। 
यश कीर्ति शांति देवोमुझे, हरो गरीबी आतंक अत्याचार ।।
           जय नरेन्द्र ग्यान गुन सागर | जय मोदी तिहुँ लोक उजागर ||
            राष्ट्रदूत अतुलित बलधामा | हीराबेन  पुत्र नरेन्दर नामा ||
तुम उपकार राष्ट्र पर कीन्हा | गुजरात  संवारि स्वर्ग सम कीन्हा ||
         माया, मुलायम थर थर काँपैं | काँग्रेस को चिंता व्यापै ||
             नासहि सपा मिटैं बसपाई | खिलै कमल फूलैं भजपाई ||
               साधु संत के तुम रखबारे | असुर निकंदन राष्ट्रदुलारे ||
               संत रसायन तुम्हरे पासा | सदा रहहु भारत के दासा ||
भारत विश्वगुरु बन जावै | जब मोदी दिल्ली मैं आवै ||8
          चीन पाक दोउ निकट न आवै | जब मोदी को नाम सुनावै ||9
नासहिं दुष्ट और अपराधा | भ्रष्टाचार मिटावहिं बाधा ||10
         करहि विकास स्वर्ग सम सुंदर | बनहि राम को सुंदर मंदिर ||11
असुर निवारि सुरन्ह कौ थापैं | राहुल सोनिया कबहुँ न व्यापै ||12
   मोदी मंत्र एक सम जाना | करहि विकास राष्ट्र सनमाना ||13
 भारत राष्ट्र पराक्रमशाली | होहि सिद्ध यह शंशय नाही ||14
           जब तूम ने भृकुटि को ताना । नोटबंदी हुई लगी कतारें नाना।।15
           देश व्यापार तुमने विचारा  । जीएसटी मे घेरा सारा।।16
            तुमरो जस अमित ने गाया । राज पुरे भारत का पाया।17
           अरूण ने तुम्हे ध्याया        ।  धन रक्षा दोनो पाया।।18
           साधू संत ने तूम्हे पुकारा    | योगी को दिया युपी सारा।।19
          जिसने तुम्हे आंख दिखाई    । पाक जैसी समर गति पाई।।20
           जो यह पढे मोदी चालीसा । होय सिद्ध राजा जैसा।।
           यह सेवक सदा मोदी चेरा । किजे नाथ ह्रदय मे डेरा।।

दामोदर तनय भारत रत्न, मंगलमुर्ती रुप। 
देशरक्षा करण दुष्टदलन, ह्रदय बसो यही रूप।।

Tuesday, May 2, 2017

अरदास

याद आता 1970-72का जमाना।
जब खाते थे एक दस्तरखान पर खाना।
झुम्मन चाचा के कडक सेवियो वाले छोलै।
दिल्ली कालेज के यारो के संग होले होले।
ईद पर यारो के घरो मे मिलती थी ईद्दी ।
ना हिंदू ना मुस्लिम होती थी यह ईद्दि।
वो बल्लीमारान की मोटी जलेबी।
दौलत की चाट और बड साबुल्ला के मिया जी की कचोरी।
आज यह कुछ भी नही बचा।
ना सितारामबाजार की चाट ना झुम्मन चच्चा।
फिर भी मै अपने अतीत को याद रखता हुं। 
कुछ खट्टी कुछ मीठी यादे सपने की तरह देखता हूँ ||
जब आई एस आई हिज्जबुल आतंकवादी सुनता हुं ।
इन मे अपने आज और अतीत को टटोल रोता हूं |।
अरदास करता हू भगवान -अल्लाह क्राईस्ट नानक से।
मांगता हूँ पुराने दिन अमन शांति उन सबसे

Tuesday, November 8, 2016

गौपष्ट्मी विशेष



 
जय गौमाता - जय गोपाल

गोपाष्टमी यानी गोप + अष्टमी - गोपो द्वारा अपने गौवंस को सजा धजा कर खिला पिला कर पूजन करने और हर्ष और उल्लास के साथ मान्या गया उत्सव | वैसे गोपालकों, गौरक्षको के गौसेवा कार्यों को सरहाने का उत्सव| आज देश में गौवंश रक्षा, निर्मम अवैधानिक कत्ल, परिवहन, क्रय विक्रय, तस्करी से हांहाकार मचा हुआ है |
देश के स्वतन्त्रता संग्राम में स्वाधीनता से अहम प्रश्न सम्पूर्ण गौरक्षा माना गया था और जिसे महात्मा गांधी, बालगंगाधर तिलक, महामना मदनमोहन मालवीय, राजेंद्रप्रसाद जैसी विभूतियों ने "देश के आज़ाद होने पर कलम की पहली नौक से देश में पूर्ण गौहत्या निषेध" का आवाहन और आश्वासन दिया था |
यह प्रश्न सविधान सभा के समक्ष लाला गोविन्द दास, पुरुषोत्तम दास जी टंडन, श्य्माप्रशाद जी मुखर्जी आदि ने पुर जोर तरिके से रखा था| सभा के मुस्लिम सदस्यों जैसे असम के जे एच लहरी जैसे सद्सयों ने इसका हिन्दू धर्म की मान्यता के कारण समर्थन किया था | लेकिन इतिहास गवाह है कि पंडित जवाहरलाल नेहरु ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना कर राज्यों को निदेश सिद्धांत में डलवा दिया |
इस का भीषण परिणाम गत ६४ वर्षो में लगभग ४००-४५० करोड़ गौवंश का निर्मम व्यापार, परिवहन, तस्करी, ह्त्या आदि है यानी देश की कृषि लागत में असीम बढ़ोतरी, कृषको की आत्म ह्त्या, रासायनिक दुग्ध से देश की सेहत का विनाश, ग्रामीण व्यवस्था का विनाश आदि दृष्टी गौचर हैं |
इस ही मांग को दहुराते हुए १९६६ ७ नवम्बर को पूर्ण देश के गौभक्तो, साधू संतो ने गोलियां खायी थी जिसे भी ५० वर्ष बीत गए हैं लेकिन यह कलंक आज भी हमारा मुख काला कर रहा है परम गौभक्त हरजस राय कांग्रेस अधिवेशन में मुख काला कर के आये तो महामना मदनमोहन मालवीय जी ने उनका मुख धुलवाया और कहा की जब तक देश में गौहत्या होगी तुम्हारा मुख नही हमारा मुख काला हो रहा है |
ऐसे कितने ही संस्मरण हैं लेकिन देश से १६ लाख टन वर्ष का बीफ निर्यात किया जा रहा है जो निश्चित ही लगभग १.५ करोड़ भैंस के वध के बाद ही प्राप्त हो सकता है लेकिन इतना बड़ा संहार कहा हो रहा है वह देश और राज्यों की सरकार नही निश्चित कर पा रही है. यह सत्य है की देश से गौमांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध है लेकिन भैंस मांस के नाम में इन यांत्रिक कसाई खानों में गौवंश का निर्मम कत्ल किया जा कर मांस निर्यात किया जा रहा है |
देश के मांसाहारियों की आवश्यकता को एक तरफ रख दें तो बांग्ला देश को गौवंश की तस्करी आज अभिशाप बन गयी है |
४०९६ किलोमीटर लम्बी सीमा जो बंगाल, असाम, त्रिपुरा और मेघालय होकर गुजराती है आज देश की सुरक्षा में खतरा बन चुकी है क्योंकि भारत के गौवंश तस्करी से बांग्लादेश के कसाईखाने चल रहे हैं और विदेशी मुद्रा अर्जन कर रहे है उधर वेह भारत को हथियार, मादक दवाएं, नकली नोट आदि भेज रहे हैं |

लगभग डेढ़ करोड़ पशुओं की तस्करी जो की भारत में ७,५०० करोड़ के ख़रीदे जाते हैं, जिनपर लगभग १५,००० करोड़ रिश्वत व् परिवहन खर्च आता है और जो तस्करों को लगभग ८०,००० करोड़ रुपिया देते हैं यानी लगभग ५५,००० करोड़ बिना टैक्स, का पैसा और यह GST में भी नहीं आने वाला |
प्रति वर्ष लाखो स्वस्थ्य गाय विशेषत: कलकत्ता में बकर इद्द के अवसर पर सभी विधि विधानों सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को धत्ता बताते हुए बंगाल सरकार के तुष्टिकरण और संरक्षण में कुर्बान कर दी जाती है|
आज गौपाष्ट्मी के पावन अवसर पर सभी गौभक्तों का अभिनन्दन करते हुए कुछ गौभक्तो का स्मरण करना मेरा कर्तव्य है | गौऋषि माननीय ॐ प्रकाश जी, परम श्र्ध्य ज्ञानानंद जी, परम पूजनीय शंकराचार्य श्री राघेश्वर भारती जी, स्वामी दतशर्णानन्द जी, परम पुँजनीय स्वर्गीय के.एस. सुदर्शन जी जिन सभी परम्श्रध्यों ने गत दशक में देश में गौरक्षा, सम्वर्धन और गौउत्पादो की लहर पैदा की है | 
इनके साथ देश के कोने कोने में व्याप्त लगभग १५,००० गोशालाओं का संचालन कर रहे गोपालकों को नमन|
आज पूर्ण देश में भ्रमण कर रहे परम गौभक्त सं
घ कार्यकारिणी सदस्य व् राष्ट्रीय गौरक्षा प्रमुख माननीय शंकरलाल जी
जिनका
१५ सूत्री विचार
देश में क्रान्ति ला रहा है के साथ दिल्ली में बैठे सु
दर्शन चेनल के भाई सुरेश जी चौहानके, भाई विजय खुराना, भाई जैपाल सिंह नयाल, बम्बई के श्री अमित व् अतुल शाह,सुर्याचारी कृष्णदेव जी शिंदे. श्री एस.के. हलवासिया, गुजरात के डॉ. वल्लभ भाई कथीरिया गोज्ञान फ़ौंडेशन के श्री सुदर्शन कौशिक, संदीप शर्मा, श्री नरेश कादियान, श्री सुरेंदर जैन, श्री हुकुमचंद जी सावला, हैदराबाद के श्री महेश अगरवाल, कलकत्ता के माननीय श्रीकांत शर्मा बालव्यास व् श्री विकास लोहिया, महेश राठी, दीनदयाल जी गुप्ता, विश्वनाथ जी सेकसरिया, तमिलनाडु में बहिन गौहर अज़ीज़, बाबूलाल जी जैन, पंजाब के श्री सतीश शर्मा
जैसे सैकड़ो हर प्रांत हर जिले हर नगर में रक्षण, सम्वर्धन और गौमहिमा प्रचार करने में लगे मेरे गौपालक अग्रजो का आज गौपास्ट्मी पर अभिनन्दन||| 
डॉ.श्रीकृष्ण मित्तल

Saturday, November 5, 2016

एनडीटीवी के सन्दर्भ में पत्रकार बंधुओं को स्मर्पित


देख तेरे इंसान की हालत क्या होगयी भगवान
........पत्रकार सा नही होता था कोई महान

रामनाथ गोयनका, चित्रा, जैसे पत्रकारों ने इंदिरा को भी नही छोड़ा था
जीप काण्ड हो या बोफर्स, चारे से भी मुह नही मोड़ा था
धुल छठा दी थी इस ने सेंसरशिप के महा पाप को
नही बक्शते थे कलम के धनी किसी के भी बाप को
देश की आज़ादी में सहयोगी कितने ही ऐसे धीर थे
रात छापते दिन में बांटते ऐसे कितने ही कलमवीर थे
सत्य की मशाल जिनके हाथ में होती थी
उनसे तो तुरत न्याय की जन जन को आस होती थी
पत्रकार सुन्दरी नेताओं से विवाह रचने लगी
बसी बसाई घर गृहस्ती  पर तेज़ाब सी बरसने लगी  
आज यह गणतन्त्र का चौथा स्तम्भ टुकडो में बट गया
सत्ता लोलुप नेताओं का,
विदेशी आकाओं का
देशी विज्ञापन का
सत्ता के गलियारों का
पैसे, दारु सुविधा नारी का
...........यह तो चाटुकार बन गया
ना जाने कब देशद्रोह करने लग गया
चरित्र हनन, ब्लेक मेलिंग दलाली धमकी ना जाने कब इनका पर्याय बन गये
विकास, इन्साफ, सर्वहारा के रक्षक ना जाने कब सत्ता के गलियारों में खो गये
लोकतंत्र को खतरा आज इस ही मीडिया से बन गया है...
आज कलम व कागज़  से मै दंगा करने वाला हुँ
मीडिया की सच्चाई को मै नंगा करने वाला हुँ
मीडिया जिसको लोकतंत्र का चौंथा खंभा होना था
खबरों की पावनता मे जी जिसको गंगा होना था
आज वही दिखता है हमको वैश्या के किरदारों मे
बिकने को तैयार खड़ा है गली चौक बाजारों मे
दाल मे काला होता है तुम काली दाल दिखाते हो
सुरा सुंदरी उपहारों की खुब मलाई खाते हो
गले मिले सलमान से आमिर ये खबरों का स्तर है
और दिखाते इंद्राणी का कितने फिट का बिस्तर है
म्यॉमार मे सेना के साहस का खंडन करते हो
और हमेशा दाउद का तुम महिमा मंडन करते हो
हिन्दु कोई मर जाए तो घर का मसला कहते हो
मुसलमान की मौत को मानवता पे हमला कहते हो
लोकतंत्र की संप्रभुता पर तुमने मारा चाटा है
सबसे ज्यादा तुमने हिन्दु मुसलमान को बॉंटा है
साठ साल की लूट पे भारी एक सुट दिखलाते हो
ओवैशी जैसों को तुम, भारत का रॉबिनहुड दिखलाते हो
दिल्ली मे जब पापी वहशी चीरहरण मे लगे रहे
तुम एेश्वर्या की बेटी के नामकरण मे लगे रहे
अब दुनिया यह समझ चुकी है, खेल ये बेहद गंदा है
बिकाऊ मीडिया अपने विदेशी आकाओं और ब्लेकमेलिंग का धंधा है 
हे सत्य पुजारी, भारत माँ के लाल  मेरे पत्रकार बन्धुओं 
जागो जागो जागो जाग जाओ
इतनी भी देर ना हो जाये की भुला दिए जाओ
गुंगे की आवाज बनो अंधे की लाठी हो जाओ
सत्य लिखो निष्पक्ष लिखो और फिर से जिंदा हो जाओ.

Sunday, July 10, 2016

बरसात


तुम्हारे दिल की दास्ताँ बयानी
दूनिया को हमारी प्रेम कहानी
हम ने दिया साथ हर कदम पर तुम्हारा
हसरत थी तुम साथ दोगी हमारा
लेकिन तुम तो देखते देखते बेगानी होगयी
किसी और के दिल की रानी हो गयी
छोड़ हमे गमों के समंदर में
तुम तो आसमान की दामिनी सी हो गयी
बर्फ केटुकड़े सा मेरा दिल फिसलता रहा
तुम तो टुटा हुआ सपना होगयी
आज फिर तुम्हारी आवाज़ आई
जैसे उजड़े चमन में बहार आई
तुम फिर टुटा घोसला बनाने चली हो
यानि हमारे अरमानो का चमन खिलाने चली हो
आता नहीं यकीं सब्र होता नहीं. यकीं करो हमारा
क़यामत तक करेंगे इंतज़ार तुम्हारा
तुम क्या सुनाओगी दासता ए दिल
हमारे दिल की किश्ती को जब मिलेगा साहिल
सकूनों की झड़ी लगेगी
सावन की घटा जैसी आँखें लड़ेंगी
चारो और हरियाली छा जायेगी
तुम अगर आये तो करारों की बरसात आएगी

Thursday, June 9, 2016

मोदी का कमाल

...................नरेंदर तूने कर दिया कमाल ||
कर दी इज्जत की बारिश तूने, बिना खडग बिना ढाल |
बडनगर के नरेंदर तूने कर दिया कमाल ||
दो वर्ष पहिले जो आगमन भी बंद करता था |
जो अम्रीका मोदी जी के नाम से भी शायद नफ़रत करता था| | |
उस अम्रीका को कर दिया निढाल |
....................नरेंदर तूने कर दिया कमाल ||
जिसे विश्व का सबसे बड़ा नेता कहते थे
जिसके आगे पीछे सब पानी भरते थे
उस ओबामा हमदम दोस्त यार ए जमाल
....................नरेंदर तूने कर दिया कमाल ||
किसने कहा था मौत का सौदागर चाय का दूकानदार|
वोह गिन रही दिन अपने, कहाँ गये उसकेदामाद और पप्पू फर्माबदार||
...................नरेंदर तूने कर दिया कमाल ||
देख कर तालियों की गडगडाहट शक्ल होगयी होगी लाल
पूरा हिन्दुस्तान तुम पर वारी तुमने कर दिया निहाल
...................नरेंदर तूने कर दिया कमाल ||
तू ने दिया नारा ए कांग्रेस मुक्त भारत जिसपे चल पडा पूरा हिन्दुस्तान|
आज उसकी शक्ति अमेरिका ही नहीं जान चूका चीन और पाकिस्तान||
अमेरिकी संसद के तेरेभाषण ने दुस्मनो के दिल में मचा दिया कोलहाल
...................नरेंदर तूने कर दिया कमाल ||

Saturday, June 4, 2016

यु पी की जनता को सन्देश

नाप लो ए दुश्मन  ए हिन्दुस्तान ।
५६ इंच का सिना हमारे अध्यक्ष जी की शान || 


इन्हें देख कर हर हिन्दुस्तानी मेंजोश उमड़ आता है ।
पाकिस्तानी और कांग्रेसियों का तो जनाजा निकल जाता है ॥

अगर विश्वास नही तो पूछो गुजरात में ।
पूछो आज काश्मीर और असाम में ॥

हमे गर्व है हमारे अध्यक्ष के चुनाव पे ।
अटल, अडवाणी, राजनाथ, गडकरी अमित के नाम पे ॥

कहाँ सोनिया, मुलायम, वंश परम्परा वादी
कहाँ संघ सेवक खरा सोना, कहाँ माया जातिवादी

उत्तरप्रदेश के चुनाव सिर पर आगये ।
अमितजी के नेतृत्व में बीजेपी के कार्यकर्ता छा गये || 


कमल हाथ में लिए, विकास, उन्नति, भाईचारा, संदेश दे रहे। 

आओ मेरे साथियों, जरुरत है तुम्हारी इस विकास केमार्ग पे ||

साथ दो विकास का, विरोध करो वंशवाद का, जातिवाद का ।
साथ दो विकासपुरुष मोदी, लोहपुरुष राजनाथ का -
अमितशाह,मोर्य,कलराज,महेश, स्मृति, आदित्यनाथ का ॥

फिर ना कहना याद नहीं कराया था ।
समय रहते तुम्हे नही चेताया था   ॥

हमे  कमल खिलाना  है   शांति और विश्वास का । 
तरक्की का खुशहाली का, भाईचारे का, विकास का ॥ 

चूक गए तो पछताओगे ।
अमित जी का साथ दिया तो नया सबेरा पाओगे ॥ 


.

Monday, October 26, 2015

जलजला - ए - हिन्दुकुश

हिन्दुकुश हिल गया |
धरती का दिल छिल गया |

अफगानिस्तान, पाकिस्तान, 
उत्तरी हिन्दुस्तान डोल गया ||

काश्मीर का पुल और कितनी ही कारें टूट गयी |
दिल्ली की मेट्रो रूक गयी ||


मोबाईल बंद हो गये 

कितनी देर तक साँसे रूक गयी ||

एक झटका ही काफी होता लेकिन कितने ही आ गये |
अभी सब्र मत करो शायद कितने ही रह गये ||


अब सबको राहत पहचानी है |
दोस्ती की कीमत भी बतानी है |
लोगो को ढाढस ही नही जान भी बचानी है ||


मोदी जी ने घोषणा की |
जहां से भी पुकार आई
चाहे अफगानिस्तान हो चाहे पकिस्तान............. 
जहाँ से भी गुहार आई ||


हम तैयार है - |

राहत पहुचानी है ||

भूकंप पिडित साथियों मत घबराना |
पूरा हिन्दुस्तान साथ है मिलकर करेंगे सामना||

Saturday, October 10, 2015

राधे राधे

देख तेरी छवि मै दीवाना हो गया | 



तू राधा है या माधव कोई फर्क न रह गया ||

दिल से एक आवाज उठे .................................




राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे

Friday, October 9, 2015

मोदी क्यों जाते विदेश ? एक सवाल

आपके अपने विचार|
लेकिन खिलाफ ए सदाचार ||
नही होगा ऐसी उलटी सोच पर कोई विचार|
विदेश जाने में कोनसा है कदाचार||
जिसका इस देश के सिवा कोई लक्ष्य ना हो  |
जिसका जीवन जन जन की  सेवा में लगा हो ||
बन्धु उसे विदेश यात्रा से  कोई लगाव नही |
रक्षा, सम्बन्ध, समृधि बिना जाये सम्भव नही ||
क्या यह पृथम प्रधानी है जो विदेश जा रहे हैं 
भूल गए वो चर्चा की नेहरु के कपड़े पेरिस से धुल कर आ रहे हैं 
तुम्हे शायद याद नही लाल बहादुर की विदेश में क़ुरबानी |
या मनमोहन की परमाणु समझोते की कारस्तानी ||
युवराज की विदेशी बालाओं के बीच की फोटो निसानी| 
या राजीव की विदेश में विदेशी महिला से प्रेम कहानी|| 
लगाओ दिमाग सोचो प्यारे दूसरी बार| 
मोदी को विदेशयात्राओं की भारत के स्वाभिमान और उन्नति के लिए दरकार ||
अगर समझ आगया हो तो करो जय जयकार
यानी ..... अबकी बार बिहार में मोदी की जय जयकार||
हम कहते हैं 8 नवम्बर को देखेगा देश .......
मोदी की बिहार में पूर्ण बहुमत वाली सरकार||

बिहार में शैतान

शैतानो का शैतान बिहार में है बदनाम |
ऐसे शैतान का बिहार में ही होगा काम तमाम||

गया जी में फल्गु नदी बहती है|

जिसमे देश की ना जाने कितनी आत्माएं तरती हैं||

श्राद्ध का पखवारा है यह |

 फल्गु नदी का शैतान को बुलावा है यह ||

जो कर्म तो बड़े दिनों से शैतानी के करवा रहा था |

पित्र् पक्ष की इंतज़ार कर रहा मुख से  बुला रहा था ||

आते ही समय बाहिर आ गया |

प्रगट तो था जोश में कबूल करवा गया||

अब जान गया पूरा बिहार| 

अरे नहीं........पूरा संसार. ||

अब तो इस सैतान की गयाजी करवानी है| 

शैतान से बिहार को मुक्ति दिलवानी है ||

बेटी पर तो सारी दुनिया कुर्बान


यह किसने कह दिया हम तो दुसरे की बेटी पर जान देते हैं 

अपनी पर कोई आँख उठा कर देख ले तो उसकी जान ले लेते हैं ||


तुम कहाँ की, किसकी, कबकी बात करते हो | 

आज की बहादुर बेटियों से डरते हो?


भूल गये विरागनाओं के इतिहास को|| 

या भूल गये आजादी की आवाज को ||


आज देश में गणतन्त्र है | 

भारत की महिला स्वतंत्र है ||


महिसासुरमर्दिनी, दुर्गा, काली है |

 माया, ममता, उमा, सुषमा, जयललिता, ज्योति है||


गिनते जाओ हर क्षेत्र में महिलाशक्ति का जोर है |

कितने गिनवाएं, पंजाब में हर सिमरनजित कौर है||


पता नही कुछ लोग किस कोने की बात करते हैं |

हम अपनी लाडो पर जान कुर्बान करते है ||

Friday, October 2, 2015

जन्मदिन बापू और शास्त्री का प्यारा


आज फिर .........माँ की याद आई | 
मेरेजन्मदिन पर जो लेती थी बलाई || 


लगाती थी टीका काला आंख से काजल निकाल के|
करती थी तिलक आरती उतार के || 


बनाती थी सुबेरे से खीर मिठाई | 
मनाने को मेरा जन्मदिन उस दिन भाई || 


देश गांधी जयंती मनाने में लीन रहता था |
मेरे घर पर तो खीर पूरी खा कर 

बधाई देने वालो का जमघट लगा रहता था|| 

आज तो सिर्फ यादें बाकि रह गयी | 
ना माँ रही ना देश में वोह गाँधी जयति भी रही|| 


सिर्फ बापू की याद आती है | 
माँ स्वर्ग से बलियां लेती है|| 


मित्रो, अब तो सिर्फ तम्हारा सहारा है| 
बधाई दो या ना दो आज जन्मदिन 

बापू  और शास्त्री का प्यारा  है||



Tuesday, September 29, 2015

देशभकत मुसलिम बिरदार के सवाल का जवाब


मुकम्मल है इबादत मै वतन इमान रखता हूँ
वतन की शान की खातिर हथेली जान रखता हूँ
क्यों पढ़ते हो मेरी आँखों में पाकिस्तान का नक्शा
मुसलमान हूँ मै सच्चा दिल में हिन्दुस्तान रखता हूँ
कौन पढता है तुम्हारी आखो मे पाकिस्तान का नक्शा |
कोन नकारता है तुमहारी वतन परस्ती का जज्बा||
क्या तुम सरहद पर हिफाजत ए वतन को नही गये |
या इस मुल्क  के कायदेआजम या चीफ जस्टिस नही रहे||


तुम ही बताओ तुम्हे कोन सा अख्तियार नही |
क्या पढनेलिखने,तिजारत,खानेपहिनने,आनेजाने मे है, फर्क कहीं||
हम तो कहते कहते थक गये , हिन्दू मुस्लिम भाई भाई |
फिर भी तुम्हे ६८ वर्षों में यकीं क्यों नही आई||
इतनी आजादी तो नही किसी को पाकिस्तान मे|
इतना अमन,चैन महोब्बत नही देखा अरबिस्तान मे ||
औरत मर्द का यकीनी रिश्ता ऐसा नही मिलेगा इंगलिशतान मे | 
तुम चश्मेनूर हो सिरमौर हो, बगलगीर हो हिन्दुस्तान में||

आज हिन्दुस्तान जो वतन है तुम्हारा,तुम्हे पुकार रहा है |
वतन का कानुन तुम पर भी लाजिम है,करोअमल बता रहा है ||
मानो इसे शरियत के मानिंद और इज्ज़त करो हमारी |
मत काटो गाय यह है मादरेवतन बच्चों की पालक पयारी||

इकबाल लिखगये,आज फिर मिल कर गाएँ वोही गाना|
वतनपरस्ती, भाईचारे की दास्ताँ है यह तराना||
सारे जहान से अच्छा हिंदुस्तान हमारा|
हम बुलबुल हैं इसके यह  गुलिस्तान हमारा||
मजहब नही सिखाता आपस मे बैर रखना|
हिंदी है, हमवतनहै, हिन्दुस्तान हमारा||
कुछ सिरफिरे हर कौम में होते है |
हर शहर में हर देश हर कोने में होते है ||
उनका काम होता है नफरत ग़लतफ़हमी फैलाना |
तुम समझदार हो या नहीं जो इन्हें नहीं पहिचाना ||
नहीं चाहते ये कौमी अमन, एकता भाईचारा|
वजह, इनकी रोटी, सियासत का यह नफरत ही सहारा||
यह मजहब के ठेकेदार, सियासतदार जो नफरत ही बांटते |
हिन्दू को सिख,मुसलमान और इसाई से अलग मानते||

लड़ो मत, आँखे खोलो, इन को पहिचानो|अमन चैन खुशहाली से रहना तो इनकी ना मानो ||


Monday, September 21, 2015

ख़ुशी कहाँ

हर ख़ुशी की हर गमी की कोई वजह होती है
 वोह नसीब वाले होते है जिन्हें बिना वजह ख़ुशी मिलती है. 

हम ढून्ढते है इसे विरानोमें, महफ़िलो
 में ना जाने कहाँ कहाँ, 
यह तो दिल में छुपी होती है.
 किसी को मिलती है विसाले यार में,
 किसी को उसके परिंदों को गिनने में ही मिल जाती है 
. हकिम लुकमान के पास भी इस इलाज ना मिला,
 इस मर्ज का इलाज़ अगर होता, 
तो ना सोहिनी होती ना महिवाल होता,
 ना हीर होती ना राँझा होता.

सुबह और शाम


बिहार का संग्राम



Friday, September 18, 2015

Wednesday, September 16, 2015

Tuesday, July 28, 2015

कलाम तुझे सलाम

जिस धरती से राम ने रावन को ललकारा था
जिस रामेश्वरम के कोने से सागर को फटकारा था

उस धरती पर एक अवतार ने जन्म लिया
जाती भेद को मिटा कर  देश प्रेम में जिया

गुदड़ी का लाल हम सुनते थे
तुमने इस कथनी को सच्च किया

एक अजातशत्रु सतयुग में शायद हुआ था
कैसा था क्या करता था किसी को नही पता था

एक अजातशत्रु ने कलियुग में जन्म लिया
इस राजनीति के दलदल में कमल की तरह जिया

अखबार बांटने से बचपन को जिया
जीवन की दौड़ में ना जाने कितना जहर पिया

तरक्की करता गया, आगे बढ़ता गया
सागर नापता गया, आसमान छूता गया

विश्व के विज्ञानिकों में देश को अमर करता गया
आसमान को चीरती अग्नि को रचता गया

जब सवाल आया पोखरण का तो कलाम का कमाँल देखा
दुनिया देखती रही गयी जब भारत का एटम फटा

इस से पहले १० आ चुके थे

राजिंदर जी,
राधा कृष्णन जी,
जाकिर, जी,
वेकट जी,
फकरू जी,
गिरी जी
शर्मा जी
इतहास में अपना नाम लिखा चुके थे

सभी का देश की राजनीती में अद्भूत स्थान था
देश की आज़ादी में भी योगदान था

यह तो प्रभु की विशेष रचना एक इंसान निराला था
विज्ञानिक था, खोजी था, विचारक था, मतवाला था

ना कांग्रेसी था ना संघी था , ना लाल था ना नीला था
ना हरा था लेकिन वोह तो माँ का लाल एकदम खरा था

बच्चो की तरह निश्चल वोह तो हर अज़ीज़ था
बच्चो के बीच में बच्चा - क्या चीज़ था?

गुरु था, पढ़ने और पढ़ाने का उसे शौक था
भारत का भाग्य विधाता अन्दर से राह ए सौध था

देश कैसा हो २०२० में ऐसा सोच दे गया
कुरसी का प्यारा ना था वोह उतरते ही अपने काम में जूट गया

देश का कोना कोना उसके ध्यान में था

तकनीक हो, चिकित्सा हो, शहर हो, ग्राम हो
खेत हो, खलियान हो
हर विषय उसके कलाम में था

चलते चलते गुरु पूर्णिमा आ गयी
इस गुरों के गुरु की अल्लाह को भी जरुरत आ गयी

देश को झंझोर गया, हर दिल अज़ीज़, हर दिल को तोड़ गया
अपनी लेखनी, अपनी यादें,
अपने कलाम अपना संगीत,
अपना सपना सच्चा करने को हमे सोंप गया

जहाँ से आया था उस ही भोले बाबा की गौद में पहुँच गया
गुरु पुन्नो की दिन ,,,,,,
यह धरती का लाल धरती की गौद  में सो गया

कलाम को सलाम .....सलाम ....सलाम




 

गुरुदासपुर के वीरो का जवाब


आज सरहद पार से फिर किसी ने पुकारा है ।
आतंकवाद के साये में धूर्त जलते पडोसी ने ललकारा है ॥
पूरा भारत घूम, सिमी-मुजाहिद्दीन, फिर धमका गया ।
गुरुदासपुर के सपूतों ने इस चुनौती को स्वीकारा किया ॥
आतंक के सौदागरों को चेतावनी का संदेश भिजवाया है ।
बम फोड ले, सडक खोल ले, हिंद-कश्मीर हमारा है ॥
६० साल से जालिम तुने मासूमों पर कहर बरपाया है ।
हम ने मुहतोड़ जवाब दिया और हर जगह तुझे हराया है ॥
खेमकरण और कारगिल के संग्राम की पिटाई तू क्या भूल गया ।
जम्मू हो या सूरत, हैदराबाद हो या बनारस, चाहे संसद, तेरी मौत भूल गया ॥
शायद खावायिश लालकिले पे चाय पीने की अभी भुला नहीं तू ।
शास्त्री के जय जवान की मार को आज भी याद कर तू ॥
राम कृष्ण गौतम गाँधी तिलक जवाहर के हम वंशज हैं जानले ।
सर पे कफ़न माथे पे तिलक, कमर कसे है हिंदकी सेना मानले ॥
हमने विश्व को मानवता का सन्देश दिया ।
पंचशील और सद्भावना को माना और जिया ॥
मजहबों से परे जा हर कौम को आदर दिया ।
इस देश में हर मजहब ने प्यार अमन को जिया ॥
हमने विश्व से आतंक ख़त्म करने का अहद लिया ।
बंगबंधुओं से, अफगानों से, पूछ हमने क्या क्या नहीं किया ॥
हमें लाहौर शांती की रेल भेजना आता है ।
तू छुरा घोंपे तो कारगिल भी करना आता है ॥
मुल्क में जमुरियत फिर से दस्तक दे रही है ।
बेनजीर को लुटा के इंसानियत भी रो रही है ॥
सात समुन्द्र दूर बैठा तेरा आका आज तुझे जान गया ।
हम कुछ भी ना करें दुनिया का थानेदार तो डंडा तान चुका ॥
कुरान-हदीस के पाक फतवों को भुला तू कुफ्र की वकालत कर रहा है ।
अपनों को भड़का के तू उन्हें क्यों नापाक नाकाम बदनाम कर रहा है ॥
दुनिया कहाँ से कहाँ तरक्की कर गयी तू भी इसे जान ले ।
झूट बोलना आतंक बोना- लाशे काटना गलत है मान ले ॥
रमजान के पाक महिने में सिजदाकिया तूनेअब कुफ्र से तौबा मांग ले ।
छोड़ दे यह ओछी हरकते विनाश की,तरक्की की डगर थाम ले ॥
मत ले इम्तहान नहीं तो तू पछतायेगा ।
कसम से हम उठ गए तो कौन बचायेगा ॥
भारत वासियों मत घबराना सब तुम्हारे साथ है ।
हम एकता, सावधानी, कठोरता, निरभ्यता, सद्भाव है ॥
हिम्मत रखना मत घबराना आतंकियों को सबक सिखाना है ।
जनगनमन, सत्यमेवजयते और वन्देमातरम गाना है ॥

Tuesday, June 2, 2015

श्री दीनदयाल जी उपाध्याय को नमन


जाने कैसा जादू भरा हुआ  
हे  दीनदयाल तुम्हारी वाणी में 
जाने कैसा आकर्षण छुपा हुआ 
हे दयाल तुम्हारे दर्शन  मे 
 मन कमल सा खिल गया हमारा 
पुष्प अर्पण हे  दीनदयाल तुम्हारे चरणो में 
हे माँ भारती के जगमगाते सितारे 
जीवन का आदर्श छिपा तुम्हारे कर्मो में 
एकात्म मानववाद के पुरोधा 
देश का कल्याण रचा तुम्हारे शब्दों  ने 
हे लोकतंत्र के सजग प्रहरी 
देख - देश  चल पड़ा  है तेरी दिखाई  राहों पे 
सारा भारत कर   रहा स्मरण अभिनन्दन तुम्हारा 
हे युग पुरुष, दीनदयाल 
 "मित्तल" का सत सत नमन तुम्हारे चरणो में